रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर सिरोबगड़ स्लाइड जोन की चुनौती बढ़ा दी है। श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। इसके चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और हजारों तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।सिरोबगड़ पिछले करीब 30 वर्षों से बदरीनाथ हाईवे का सबसे संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र बना हुआ है। हर मानसून में यहां भूस्खलन चारधाम यात्रा की रफ्तार पर ब्रेक लगा देता है। करोड़ों रुपये खर्च करने और कई तकनीकी उपाय अपनाने के बावजूद इस स्लाइड जोन का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

हाईवे बंद होने का असर बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग और चमोली की जीवनरेखा माने जाने वाले इस मार्ग के अवरुद्ध होने से श्रद्धालु, पर्यटक, स्थानीय निवासी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन लंबे समय तक रास्ते में फंसे रहे। लगातार गिरते मलबे के कारण मार्ग खोलने में जुटी एजेंसियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी **नरेंद्र ममगाई** का कहना है कि सिरोबगड़ की समस्या वर्षों से बनी हुई है और हर बरसात में इसका खामियाजा सबसे अधिक स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने इस क्षेत्र के स्थायी उपचार की मांग दोहराई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मार्ग बहाली का कार्य लगातार जारी है, लेकिन पहाड़ी से रुक-रुक कर मलबा और पत्थर गिरने से कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
