गोपेश्वर। चमोली जिले की मंडल घाटी में महिलाओं की उद्यमिता को नई उड़ान देते हुए स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामुदायिक उद्यम ‘हिलास भोजनालय’ का शुभारंभ किया गया। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत शुरू की गई यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विकासखंड दशोली अंतर्गत मंडल घाटी सीएलएफ के तहत संचालित इस भोजनालय का उद्घाटन राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए ऐसे प्रयास बेहद आवश्यक हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय खाद्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। ‘हिलास भोजनालय’ इसी दिशा में एक अभिनव पहल है, जो महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
सांसद महेंद्र भट्ट ने भोजनालय संचालन से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्ता, स्वच्छता और बेहतर ग्राहक सेवा को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि यदि सेवाएं उत्कृष्ट होंगी तो पर्यटकों और यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने परियोजना अधिकारियों को जनपद के प्रमुख यात्रा मार्गों पर भी ऐसे सामुदायिक भोजनालय विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला महामंत्री अरुण मैठाणी, जिला विकास अधिकारी कमलेश पंत, जिला परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
‘हिलास भोजनालय’ का शुभारंभ केवल एक व्यावसायिक पहल नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा का नया अध्याय माना जा रहा है, जो स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक स्वाद को रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
