
2. विटामिन सी: कोलेजन वह तत्व है जो त्वचा को दृढ़ और लोचदार बनाए रखता है, और विटामिन सी शरीर को इसके उत्पादन के लिए आवश्यक होता है। यह समय के साथ हाइपरपिग्मेंटेशन को हल्का करने में भी मदद करता है, जिससे त्वचा की रंगत धीरे-धीरे अधिक उज्ज्वल और समान दिखाई देती है। आंवला, खट्टे फल (सिट्रस फ्रूट्स) और शिमला मिर्च इसके दैनिक सेवन को पूरा करने के सबसे विश्वसनीय स्रोतों में शामिल हैं।
3. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स: ये स्वस्थ वसा त्वचा की लिपिड बैरियर का निर्माण करते हैं, जो नमी को भीतर बनाए रखने और बाहरी जलनकारी तत्वों को रोकने में मदद करती है। ओमेगा-3 की कमी वाला आहार अक्सर त्वचा के रूखेपन, परतदारपन या सूजन के रूप में दिखाई देता है। फ्लैक्ससीड्स, बादाम और चिया सीड्स इसके व्यावहारिक पौध-आधारित स्रोत हैं, जिन्हें आसानी से दैनिक भोजन में शामिल किया जा सकता है।
4. जिंक: जिंक त्वचा में तेल (सीबम) के उत्पादन को नियंत्रित करता है और त्वचा की गहरी परतों में कोशिका मरम्मत को सपोर्ट करता है, इसी कारण इसे अक्सर साफ़ त्वचा और कम मुंहासों से जोड़ा जाता है। चना और साबुत अनाज इसके अच्छे दैनिक आहार स्रोत हैं।
5. बीटा-कैरोटीन: यह विटामिन ए का पूर्वगामी है और त्वचा कोशिकाओं के नवीनीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे मृत कोशिकाओं के जमाव से होने वाली त्वचा की बेजानता को रोका जा सकता है। यह त्वचा की रंगत में एक हल्की, प्राकृतिक गर्माहट भी जोड़ता है। गाजर, शकरकंद और पालक इसके सबसे सुलभ और किफायती स्रोतों में शामिल हैं।
6. बायोटिन: अक्सर बालों के स्वास्थ्य से जोड़ा जाने वाला बायोटिन त्वचा के लिए भी अत्यंत लाभकारी होता है। यह त्वचा के फैटी एसिड मेटाबॉलिज़्म को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे त्वचा की सतह मुलायम, हाइड्रेटेड और कम संवेदनशील रहती है। अंडे, कैलिफ़ोर्निया बादाम जैसे नट्स और केला इस बी-विटामिन के सबसे सामान्य और सुलभ आहार स्रोतों में शामिल हैं।
अच्छी बात यह है कि, रितिका समद्दार के अनुसार, इसके लिए किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं है। ये छह पोषक तत्व एक संतुलित, मुख्यतः पौध-आधारित आहार के माध्यम से आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं, जो अधिकांश भारतीय रसोइयों में पहले से ही काफी हद तक मौजूद है। जिस निखार को लोग काउंटर पर हजारों रुपये खर्च कर पाने की कोशिश करते हैं, वह अक्सर पहले से ही उनकी थाली में मौजूद होता है।
