केदारनाथ धाम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सोनप्रयाग से एक साथ छोड़े जा रहे हजारों यात्री

 

रुद्रप्रयाग।   विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा में इस समय श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ रहा है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ अब व्यवस्थाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है। यात्रा पड़ाव सोनप्रयाग से सामने आए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं को एक साथ केदारनाथ धाम की ओर रवाना करते देखा जा सकता है।

 

वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी संख्या में यात्री बिना चरणबद्ध व्यवस्था के आगे बढ़ रहे हैं। इस भीड़ में छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार यात्री भी शामिल हैं। अचानक अत्यधिक संख्या में यात्रियों को आगे भेजे जाने के कारण गौरीकुंड मार्ग पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह हो रही है कि गौरीकुंड के लिए संचालित शटल वाहनों तक यात्रियों की पहुंच मुश्किल हो रही है और कई श्रद्धालुओं को घंटों जाम व अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।

 

यात्रियों का कहना है कि यदि भीड़ को नियंत्रित ढंग से बैचवार भेजा जाए तो अव्यवस्था और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति से बचा जा सकता है। खासकर बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा, भीड़ और जाम के कारण भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कई स्थानों पर यात्रियों को सड़क किनारे घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

 

सोनप्रयाग व्यापार संघ अध्यक्ष अकित गैरोला का भी मानना है कि यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि प्रशासन को सोनप्रयाग, सीतापुर और गौरीकुंड के बीच यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से संचालित करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न न हो।

 

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अब तक 4 लाख 40 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। सोनप्रयाग क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पुलिस और प्रशासन द्वारा यात्रियों को लाइन में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

चारधाम यात्रा के चरम दौर में अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बन गया है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों की अग्निपरीक्षा भी शुरू हो  गई है।

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