रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष नीना अग्रवाल के मार्ग-दर्शन में संपन्न हुआ।
सिविल जज (सी०डि०) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन वादों सहित विभिन्न मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 23 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा करते हुए ₹18,97,248 की समझौता राशि वसूल की गई।
लोक अदालत में गठित विभिन्न पीठों द्वारा भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। पीठ संख्या-01, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल एवं सदस्य अधिवक्ता सूरत सिंह बिष्ट शामिल रहे, ने 07 मामलों का निस्तारण कर ₹16,82,000 की समझौता राशि वसूल की।
वहीं पीठ संख्या-02 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार एवं सदस्य अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा कुल 41 मामलों का निस्तारण करते हुए ₹27,06,158 की समझौता राशि वसूल की गई।
इसके अतिरिक्त बाह्य न्यायालय ऊखीमठ में आयोजित पीठ संख्या-03 में सिविल जज (जू०डि०)/न्यायिक मजिस्ट्रेट सन्तोष पच्छिमी एवं सदस्य अधिवक्ता राजेन्द्र देव भट्ट द्वारा 15 मामलों का निस्तारण कर ₹2,08,500 की समझौता राशि वसूल की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 86 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया तथा कुल ₹64,93,906 की समझौता राशि वसूल हुई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे न्याय सुलभता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि लोक अदालतें त्वरित, सरल एवं कम खर्चीली न्याय व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेन्द्र बिष्ट, पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
