यमुनाघाटी। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ यमुनाघाटी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मोरी क्षेत्र में गुरुवार को रवाईं जन एकता मंच द्वारा आयोजित विशाल बैठक और बाजार में निकाली गई शक्ति प्रदर्शन रैली ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मंच ने भजन लाल आर्य को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।
मोरी बाजार में ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच निकली रैली में बड़ी संख्या में समर्थकों की भागीदारी देखने को मिली। दूरदराज गांवों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय नेतृत्व की राजनीति तेजी से उभर रही है। रैली के दौरान बाजार पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
बैठक को संबोधित करते हुए मंच संयोजक चन्द्रमणि रावत ने वर्तमान विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली बार मंच ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दिया था, लेकिन बदले में क्षेत्र को केवल आश्वासन ही मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ और जनप्रतिनिधि जनता से दूर हो गए हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मंच क्षेत्रीय असंतोष को वोटों में बदलने में सफल रहता है, तो इसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। खासकर भाजपा के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिसे पिछले चुनाव में स्थानीय समीकरणों का लाभ मिला था।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी खुलकर नाराजगी जताई और विकास के नाम पर केवल घोषणाएं होने की बात कही। लोगों ने स्पष्ट किया कि इस बार वे स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय हितों को प्राथमिकता देंगे।
मंच पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिससे संगठन को और मजबूत किया जा सके। इस शक्ति प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि इस बार रवांई क्षेत्र का चुनाव मुकाबला पारंपरिक दलों से आगे बढ़कर बहुकोणीय हो सकता है।
बैठक में भजन लाल आर्य, विष्णु चौहान, उपेन्द्र चौहान, जयपाल सिंह रावत, जनक सिंह, कृति सिंह, राजेन्द्र पंवार, विक्रम सिंह, बिजेन्द्र रांगड़, जगत सिंह, गबर सिंह, महावीर चौहान, गुलाब रावत और शूरवीर चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
