देहरादून। यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन ने की। बैठक में निगम से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और कई नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्य प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृति देने के निर्देश दिए गए।
साथ ही टौंस नदी पर 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल एवं हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने और पबर नदी पर 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना के डी.पी.आर. की स्वीकृति हेतु दिशानिर्देश भी निदेशक मंडल द्वारा दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष आनंद वर्धन के साथ प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के. सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस निर्णय से राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है और यह ऊर्जा क्षेत्र में निवेश एवं विकास को बढ़ावा देगा।
