नई टिहरी। जनपद में बागवानी और कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक पहल की गई। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तत्वाधान में विकासखंड सभागार चंबा में पहली बार एक दिवसीय जनपद स्तरीय “माल्टा महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य न केवल स्थानीय फलों, विशेषकर माल्टा के उत्पादन को प्रोत्साहित करना था, बल्कि किसानों को नई तकनीकों और बाजार की संभावनाओं से रूबरू कराना भी था। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने की। इस दौरान माल्टा, गलगल और नींबू जैसे सिट्रस फलों की प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि संजय नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि पहाड़ में अब परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जी और फलों के उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो रही है। यह बदलाव न केवल किसानों की आय में इजाफा कर रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी मुनाफे के नए अवसर पैदा कर रहा है। वहीं, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने इस आयोजन को कृषकों के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आज किसान दिवस के अवसर पर माल्टा महोत्सव का आयोजन अपने आप में विशेष है, क्योंकि कृषि और हॉर्टिकल्चर ही जनपद की आर्थिक रीढ़ हैं। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान खोजा जा सके। उन्होंने सभी किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील भी की।
महोत्सव के दौरान आयोजित कार्यशाला में किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद हुआ। कृषक खेतवाल बिजल्वाण ने बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस के लिए ऐसी विशेष शीट्स के उपयोग पर विचार किया जा रहा है जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंचा सकें, और इस संबंध में शासन को संस्तुति भेजी जाएगी। इसके अलावा भैंसवाड़ा क्षेत्र के कीवी उत्पादकों ने सुअर और भालू से खेती को होने वाले नुकसान की व्यथा सुनाई, जबकि चोपडियाल गांव के किसानों ने फ्लोरीकल्चर और जैविक उत्पादों के उचित दाम न मिलने की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया।
नई टिहरी। जनपद में बागवानी और कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक पहल की गई। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तत्वाधान में विकासखंड सभागार चंबा में पहली बार एक दिवसीय जनपद स्तरीय “माल्टा महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य न केवल स्थानीय फलों, विशेषकर माल्टा के उत्पादन को प्रोत्साहित करना था, बल्कि किसानों को नई तकनीकों और बाजार की संभावनाओं से रूबरू कराना भी था। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने की। इस दौरान माल्टा, गलगल और नींबू जैसे सिट्रस फलों की प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि संजय नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि पहाड़ में अब परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जी और फलों के उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो रही है। यह बदलाव न केवल किसानों की आय में इजाफा कर रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी मुनाफे के नए अवसर पैदा कर रहा है। वहीं, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने इस आयोजन को कृषकों के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आज किसान दिवस के अवसर पर माल्टा महोत्सव का आयोजन अपने आप में विशेष है, क्योंकि कृषि और हॉर्टिकल्चर ही जनपद की आर्थिक रीढ़ हैं। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान खोजा जा सके। उन्होंने सभी किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील भी की।
महोत्सव के दौरान आयोजित कार्यशाला में किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद हुआ। कृषक खेतवाल बिजल्वाण ने बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस के लिए ऐसी विशेष शीट्स के उपयोग पर विचार किया जा रहा है जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंचा सकें, और इस संबंध में शासन को संस्तुति भेजी जाएगी। इसके अलावा भैंसवाड़ा क्षेत्र के कीवी उत्पादकों ने सुअर और भालू से खेती को होने वाले नुकसान की व्यथा सुनाई, जबकि चोपडियाल गांव के किसानों ने फ्लोरीकल्चर और जैविक उत्पादों के उचित दाम न मिलने की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया।
