टिहरी। विकास भवन सभागार, नई टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की उपस्थिति में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून के तत्वावधान में महिला एवं बाल विकास विभाग हेतु जिला स्तरीय संवितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता, प्रमाणन और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना था, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उपभोक्ताओं के हित में उत्पादों की गुणवत्ता और प्रमाणन पर दिया गया विशेष ध्यान
कार्यक्रम में बीआईएस द्वारा उत्पादों, सेवाओं और प्रक्रियाओं से संबंधित मानकों की जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने एंड्रॉइड मोबाइल फोन पर “बीआईएस केयर” एप डाउनलोड करें, ताकि किसी भी उत्पाद की प्रमाणिकता, शुद्धता और गुणवत्ता से संबंधित जानकारी तत्काल प्राप्त की जा सके। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे उत्पादों जैसे प्रेशर कुकर, एलपीजी सिलेंडर, हेलमेट, बच्चों के खिलौने, गीजर, एसी, फ्रीजर और बच्चों की दूध की बोतल आदि की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी।
बीआईएस केयर ऐप के जरिए अब घर बैठे जांच सकेंगे उत्पादों की प्रमाणिकता
वरुणा अग्रवाल ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सुपरवाइजर्स और विभागीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करें, ताकि वे असुरक्षित और घटिया सामानों के उपयोग से बच सकें। उन्होंने बच्चों की दूध की बोतलों की प्रमाणिकता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में मानक प्रमोशन अधिकारी बीआईएस सरिता त्रिपाठी ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीआईएस की गतिविधियां, मानकीकरण समितियां, प्रयोगशालाएं और उत्पाद प्रमाणीकरण की प्रक्रिया उपभोक्ताओं के हित में लगातार विस्तार पा रही हैं, जिनके माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
रिसोर्स पर्सन बीआईएस संजय तिवारी और तकनीकी विशेषज्ञ दीपक पांडेय ने मानकीकरण, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रयोगशाला गतिविधियां, हॉलमार्किंग, प्रशिक्षण गतिविधियां, उत्पाद वापसी की प्रक्रिया और बीआईएस केयर एप से संबंधित तकनीकी जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि इन सभी माध्यमों से उपभोक्ता अब अधिक सजग और सशक्त बन सकते हैं।
