सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ गूंजे भोलेनाथ के जयकारे

कोटेश्वर महादेव सहित जिले के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़

टिहरी :  जनपद में सावन माह के दूसरे सोमवार को भगवान शिव की आराधना के लिए शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अलसुबह से ही शिवभक्त मंदिरों की ओर रुख करते नजर आए और लंबी कतारों में खड़े होकर बारी-बारी से भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में शिव स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र और ओम नमः शिवाय के मंत्रों के जाप से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
जिले के प्रमुख मंदिरों कृ सत्तेश्वर महादेव मंदिर, त्रिदेव मंदिर, देवलसारी महादेव मंदिर और उत्तरवाहिनी भागीरथी तट पर स्थित सिद्धपीठ श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। इन मंदिरों में श्रद्धा और आस्था का ऐसा दृश्य बना जो हर कमअवजमम के मन को छू गया। कोटेश्वर महादेव मंदिर में विशेष रूप से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। मंदिर प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा विधियों का पालन किया गया और पंडितों द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
कोटेश्वर महादेव मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। यह स्थान निसंतान दंपतियों के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है, जहां वे पुत्र प्राप्ति की कामना के साथ भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां कभी असफल नहीं जाती और भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं।
पूरे दिन शिवालयों में श्रद्धालु परिवार समेत आते रहे और श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करते रहे। मंदिरों में भक्तों की सेवा और व्यवस्था में स्थानीय समितियों और स्वयंसेवकों की भूमिका भी सराहनीय रही, जिन्होंने मंदिर परिसरों में सफाई, जल वितरण और मार्गदर्शन का कार्य पूरी निष्ठा से किया।

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