देहरादून। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल ने देहरादून निवासी मेघा पन्त को जैव प्रौद्योगिकी विषय (बायोटेक्नोलाॅजी ) में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की। उनका शोध प्रबन्ध “वैक्टरिया-डिराइव्ड अप्रोच टू सिंथेसाइज कार्बन क्वांटस डॉट्स फॉर बायोलॉजिकल एप्लीकेशन” विषय पर था। उन्होंने अपना शोध भीमताल के जेसीबोस डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के डॉक्टर अनिर्बान दडपत के निर्देशन में संपन्न किया। इसके पूर्व मेघा पंत ने वनस्थली राजस्थान से बायोटेक में एमएससी किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है।
मेघा पन्त को मिली ‘बायोटेक्नोलॉजी’ में पीएचडी की उपाधि
देहरादून। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल ने देहरादून निवासी मेघा पन्त को जैव प्रौद्योगिकी विषय (बायोटेक्नोलाॅजी ) में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की। उनका शोध प्रबन्ध “वैक्टरिया-डिराइव्ड अप्रोच टू सिंथेसाइज कार्बन क्वांटस डॉट्स फॉर बायोलॉजिकल एप्लीकेशन” विषय पर था। उन्होंने अपना शोध भीमताल के जेसीबोस डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के डॉक्टर अनिर्बान दडपत के निर्देशन में संपन्न किया। इसके पूर्व मेघा पंत ने वनस्थली राजस्थान से बायोटेक में एमएससी किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है।
