नई टिहरी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के कुछ प्रावधानों को लेकर जिला बार एसोसिएशन टिहरी के अधिवक्ताओं में तीव्र रोष देखा गया। मंगलवार को अधिवक्ता यूसीसी के उन प्रावधानों के विरोध में कार्य से विरत रहे, जिन्हें वे अपने व्यवसाय के लिए प्रतिकूल मान रहे हैं। कलक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की और डीएम अंकिता खंडेलवाल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।
बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि यूसीसी के तहत वसीयतनामा, विक्रय पत्र, विवाह पंजीकरण आदि प्रक्रियाएं मेल के माध्यम से दर्ज कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे न केवल अधिवक्ताओं के पेशे पर संकट उत्पन्न हुआ है, बल्कि मुंशी, टाइपिस्ट और स्टांप वेंडरों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था उनके व्यवसाय पर कुठाराघात के समान है और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई कि यूसीसी के उन प्रावधानों को पुनः विचार में लिया जाए, जिनसे अधिवक्ताओं और न्यायिक कार्यों से जुड़े अन्य सहयोगी वर्गों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह एकतरफा व्यवस्था न्याय के बुनियादी ढांचे को कमजोर करने वाली है और इससे न्याय प्रक्रिया पर भी असर पड़ेगा।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे यूसीसी के उक्त प्रावधानों का घोर विरोध करते हैं और यदि सरकार ने इन पर पुनर्विचार नहीं किया, तो उन्हें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी। प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने इस कानून को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।
