गौचर/चमोली। चमोली जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होंने सभी दायित्वों को भी छोड़ने का एलान भी किया है। लक्ष्मण रावत ने बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं।
लक्ष्मण रावत ने कहा स्थानीय विधायक राजेंद्र भंडारी और उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने जिला पंचायत के कुछ सदस्यों को प्रलोभन देकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। उन्होंने कहा वह लंबे समय से कांग्रेस के लिए कार्य करते रहें हैं, लेकिन जनपद चमोली कांग्रेस में उनके साथ साजिश की गई है, जो पार्टी के संविधान के खिलाफ है। इसी से आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी को सौंपे इस्तीफे में लक्ष्मण सिंह रावत ने जिक्र किया है कि जनपद चमोली में जिला पंचायत उपाध्यक्ष के खिलाफ बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी और जिला पंचायत चमोली की अध्यक्ष द्वारा सदस्य गणों को प्रलोभन देकर अविश्वास प्रस्ताव बनाकर हस्ताक्षर कराकर जिलाधिकारी चमोली को सूची प्रस्तुत की जा चुकी है। उन्होंने कहा वह वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी में पीसीसी के सदस्य हैं। वर्षों से पार्टी में समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। पार्टी संगठन के विभिन्न पदों पर उन्हें जिम्मेदारी दी गई। कांग्रेस पार्टी के विधायक द्वारा ही उनकी पार्टी के खिलाफ साजिश रची जा रही है।
उन्होंने यह भी जिक्र किया है कि संबंधित विषय पर उनके द्वारा जिला अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी चमोली पूर्व विधायक प्रोफेसर जीतराम समेत मथुरा दत्त जोशी से भी फोन के माध्यम से वार्ता हुई लेकिन, किसी ने भी इस विषय का संज्ञान नहीं लिया। इससे प्रतीत होता है कि जनपद चमोली में विधायक राजेंद्र भंडारी के परिवार के अलावा और किसी कार्यकर्ता की आवश्यकता नहीं है। इसलिए उनकी उपेक्षा किए जाने से नाराज होकर उन्होंने तत्काल प्रभाव से पीसीसी सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
